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Thursday, February 18, 2016
पुरुषार्थ क्या है ?
Wednesday, February 17, 2016
नर्मदा का हर कंकर शंकर क्यों?
शिव जी का ज्योतिस्वरूप जो पाषाण के शिवलिंग होते है नर्मदा नदी जब उसके उत्पत्ति स्थल अमरकंटक से निकलती तो वह अपने प्रवाह से अपने भीतर और तटो पर स्थित चट्टानों को चीरती हुई उन्हें तोड़ती हुई आगे बढती है जल की निर्मलता कोमलता का स्पर्श पाकर पाषाण की कठोरता द्रवित होने लगती है और वे सहज ही नैसर्गिक सौंदर्य को पा शिव स्वरूप को धारण करने लग जाते है इसका आशय यह है कि व्यक्ति कितना भी निष्ठुर और पाषाण ह्रदय हो निरन्तर करुणा और निर्मल निश्छल कोमल स्नेह को सतत प्राप्त करता है तो वह उसका बाहरी स्वरूप निखर जाता है उसके भीतर की पवित्रता को प्रतिबिंबित करता है नर्मदा के कंकर को शंकर बनते हुए आपने देखा है परन्तु हम आपको ऐसे शिवलिंग से परिचित कराना चाहते जो निरन्तर नर्मदा में जलमग्न रहते है वीडियो में दर्शित शिवलिंग का दर्शन कर नर्मदा में जलमग्न नर्मदेश्वर शिव शंकर के में निहित अद्भुत ऊर्जा और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकते है
Tuesday, February 16, 2016
मौन की महत्ता
मौन वह शैली है
जिसके कई कायदे है
मौन वह आवरण है
जो मूर्खता को ढंक लेता है
मर्यादा दूसरे की और अपनी रख लेता है
मौन से व्यक्ति शान्ति प्रिय कहलाता है
दूसरा कितना भी अशांत हो
खुद शान्ति को पाता है
मौन एक तपस्या है तप का प्रतीक है
मौन संकेतो की व्याख्या
नहीं की जा सकती ठीक ठीक है
मौन एक अनुशासन है
मौन की अपनी व्यवस्थाये है
छुप जाती है सभी कमजोरिया
परिलक्षित नहीं हो पाती शिथिलताये है
मौन रहने वाला कभी नहीं पछताता है
क्योकि जो वह नहीं बोला
वह होने पर उसे बोला हुआ माना जाता है
और कुछ नहीं होने पर न बोलना काम आता है
मौन एक कला है
संवेदना के स्तर पर
व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरा है ढला है
मौनी व्यक्ति को
मौन रहने से मिलती खुशिया
दुगुनी चौगुनी सौगुनी है
मौन रहने वाले व्यक्ति के साथ
कभी नहीं होती अनहोनी है
क्योकि जो बात होनी है वह होनी है
नहीं होनी है वह कभी नहीं होनी है
इसलिए झूठ और कटु बोलने से
बचना हो तो मौन रहो
तटस्थ और निष्पक्ष दिखना है तो मौन रहो
मौन वह शस्त्र है
जो मुस्कान को जन्म देता है
व्यक्ति जब मुस्कराता है
तो भाव कई अर्थ लेता है
कितना भी कर ले पाप
वह अपने माथे पर नहीं लेता है
वर्ष में मात्र एक बार मौन अमावस्या आती है
जो मौन रहने की महिमा सिखला कर
चुपचाप चली जाती है
इसलिए बंधुओ मौन की ताकत को
पहचानो समझो और जानो
कुछ अनर्गल बोलने से पहले
मौन रहने में अपना भला मानो
Sunday, February 14, 2016
अच्छाई का मूल्य
राकेश अपने माता पिता का इकलौता बेटा था
माता पिता का आज्ञापालक पर पढ़ने में कमजोर
संस्कारित पर एकांत प्रिय अपने काम से काम करने वाला खेलो चित्र कला में थोड़ी थोड़ी रूचि पर पूर्णता किसी में भी नहीं छोटी छोटी बात का बुरा लगना उसका स्वभाव था चरित्र का दृढ स्वाभिमानी अभावो में रहने का अभ्यस्त संतोषी परन्तु जीवन में प्राथमिकताएं अभी उसने तय नहीं की थी ठीक उसके विपरीत विपिन जो उसका सहपाठी था उद्दंड शरारती अपनी मनमानी करने वाला परन्तु अच्छा वक्ता धुन का पक्का जो सोच लिया उस कार्य को पूरा कर लेना उसका स्वभाव था चरित्र ऐसा कि वातावरण में सीघ्र समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर महत्वपूर्ण कार्य कर लेता था
विपिन की इसी आदत के कारण उसके पास मित्रो की लंबी फौज थी प्रश्न यह है कि क्या राकेश जैसे अच्छे लडके की कोई कीमत नहीं है क्या अच्छाई व्यक्ति के विकास के लिए उपयोगी नहीं है ऐसा नही है राकेश की अच्छाई का मूल्य हो सकता है परन्तु वह समय के अनुरूप वह स्वयं को ढालने सक्षम हो कार्य में पूर्णता हासिल करना उसकी प्रव्रत्ति हो जीवन में उसने प्राथमिकताये तय की हो तभी अच्छाई और अच्छे व्यक्ति का मूल्य रह पायेगा