पंचमुखी हनुमान जी के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने से जीवन में अद्भुत ऊर्जा का संचार होता है
जीवन प्रेरणा से ओत प्रोत हो जाता है
अकर्मण्यता के रोग से व्यक्ति मुक्त हो जाता है
व्यक्ति प्रत्येक प्रकार के कार्य करने को
तत्पर और उद्यत रहता है
पंचमुखी हनुमान जी के पांच मुख के साथ हनुमद बैठक
हमें जीवन में प्रत्येक प्रकार की कार्य का
व्यक्ति को अपने कार्य क्षेत्र में कैसी भी हो
कभी किसी कार्य को छोटा या तुच्छ मानकर
जो व्यक्ति सदैव कार्य करने हेतु तत्पर रहता है
उसकी सफलता में कोई संदेह नहीं रहता है
