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Thursday, March 24, 2016

सत्य की लड़ाई

सत्य की लड़ाई में
आदमी अकेला होता है
सूरज को कभी दीपक दिखाया नहीं जाता
जल का अर्पण किया जाता है
दीपक तो चन्द्रमा को दिखाया जाता है
अँधेरे को भागने के लिए
उजाला लाने के लिये
अँधेरे को दूर कर जो
जग में उजाला भर दे
उसे दिवाकर कहते है
दिवाकर की शरण में
सत्य दूत रहते है
अपराध अन्धकार की तलाश करता है
अँधेरे के भीतर गुप् चुप रहता है
उजाला जगमगाते ही खूब रोता है
अपना अस्तित्व खोता है
इसलिए अन्धकार मिटाने के लिए
सच का उजाला होता जरुरी है