व्यक्ति की पहचान उसके व्यक्तित्व से होती है
व्यक्ति का व्यक्तित्व उसकी आदतों से बनता है
अच्छी आदतें व्यक्ति को चरित्रवान
और बुरी आदतें व्यक्ति को दुश्चरित्र बना देती है
व्यक्ति के दुश्चरित्र की कीमत
उसके परिवार समाज
और कभी कभी राष्ट्र को चुकाना पड़ती है
जबकि चरित्रवान व्यक्ति परिवार समाज
और समाज को अपने चरित्र को उपकृत करता है
उसे सच्चरित्र होने की कीमत पग पग पर
चुकाना पड़ती है चरित्र की पवित्रता
व्यक्ति को मर्यादित रखती है
इसलिए वह पथ भृष्ट नहीं हो पाता
चारित्रवान व्यक्ति जिस पर अग्रसर होता है
वह पथ उसके पग से सुशोभित होता है
जिस गंतव्य की और प्रस्थान करता है
वह गंतव्य गरिमा प्राप्त करता है
जिस पद को प्राप्त करता है
वह पद उत्कृष्ट व्यक्ति के कृतित्व से
धन्य हो जाता है
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Friday, January 6, 2017
चरित्र
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