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Friday, November 15, 2024

हमारी लोक परंपराएं लोक उत्सव

जैसे जैसे हम डिजिटलाइजेशन की और बढ़ते जा रहे है l हम अपनी लोक परंपराओं लोक गीतों लोक उत्सवों लोक कलाओं, लोक देवताओं से परे होते जा रहे है l 
    संध्या उत्सव मालवा और निमाड़ में मनाया जाने वाला लोक उत्सव है l जिन्हें बालिकाएं प्राकृतिक रूप से उपलब्ध गाय के गोबर फूल पत्तियों से दीवारों पर तरह तरह की आकृतियां बनाती है और समूह में इकट्ठी होकर लय में उत्साह पूर्वक लोक गीतों को गाकर लोक देवी संध्या का आव्हान करती है 
       इस प्रकार के लोक उत्सव हमारे सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के साथ साथ हमारी नई पीढ़ी में सृजनात्मक कौशल भरने का काम भी करते है